लेखकों हेतु दिशा-निर्देश
‘कृषि शोध दर्पण’ कृषि विज्ञान एवं संबंधित क्षेत्रों में नवीन शोध, तकनीकी ज्ञान, नवाचार, कृषि विकास एवं कृषक कल्याण से संबंधित मौलिक एवं ज्ञानवर्धक सामग्री के प्रकाशन हेतु समर्पित है। लेखकों से अनुरोध है कि वे निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का पालन करें:
- विषय एवं भाषा: लेख कृषि विज्ञान एवं संबंधित क्षेत्रों पर आधारित होना चाहिए। लेख हिंदी भाषा में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
- मौलिकता: लेख मौलिक, अप्रकाशित एवं विषय-संगत हो तथा एक साथ किसी अन्य पत्रिका में प्रकाशन हेतु प्रस्तुत न किया गया हो।
- लेख का प्रारूप: लेख में शीर्षक, लेखक/लेखकों का नाम, पदनाम, संस्थान, ई-मेल, सारांश, प्रमुख शब्द, मुख्य लेख, निष्कर्ष एवं संदर्भ का विवरण दिया जाए।
- शोध लेखों की संरचना: शोध लेखों में परिचय, सामग्री एवं विधि, परिणाम एवं चर्चा तथा निष्कर्ष का समुचित उल्लेख किया जाना चाहिए।
- तथ्य एवं आँकड़े: लेख में प्रयुक्त तथ्य, आँकड़े, चित्र, सारणियाँ एवं संदर्भ विश्वसनीय तथा सत्यापन योग्य होने चाहिए।
- साहित्यिक चोरी: साहित्यिक चोरी, मनगढ़ंत अथवा परिवर्तित आँकड़े, अनुचित उद्धरण एवं बिना संदर्भ की सामग्री स्वीकार्य नहीं होगी।
- लेखकीय उत्तरदायित्व: लेखक सभी सह-लेखकों की सहमति, लेख की मौलिकता तथा प्रस्तुत सामग्री की शुद्धता के लिए उत्तरदायी होंगे।
- लेख प्रस्तुत करना: लेख Word फाइल में आवश्यक चित्र, सारणी एवं लेखक विवरण सहित संपादकीय कार्यालय को भेजा जाए।
- समीक्षा एवं निर्णय: लेख की प्रारंभिक जाँच संपादकीय बोर्ड द्वारा की जाएगी। आवश्यकतानुसार लेख को विषय-विशेषज्ञों द्वारा सहकर्मी समीक्षा हेतु भेजा जा सकता है। स्वीकृति, संशोधन अथवा अस्वीकृति का अंतिम निर्णय संपादकीय बोर्ड का होगा।
- प्रकाशन के बाद सुधार: गंभीर तथ्यात्मक त्रुटि अथवा नैतिक उल्लंघन पाए जाने पर संपादकीय बोर्ड सुधार, संशोधन अथवा लेख वापसी की कार्रवाई कर सकता है।
- प्रकाशन संबंधी सूचना: लेख प्रस्तुत करना प्रकाशन की स्वीकृति का आश्वासन नहीं माना जाएगा।
